रविवार के दिन करें सूर्यनारायण की आरती, शारीरिक कष्टों से पाएं मुक्ति

रविवार का दिन भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है। भगवान सूर्यनारायण सृष्टि के जागृत देव माने जाते है। रविवार के दिन भगवान सूर्य की पूजा अर्चना कर उनकी आरती करने … Read More “रविवार के दिन करें सूर्यनारायण की आरती, शारीरिक कष्टों से पाएं मुक्ति”

श्री शनिदेव जी की आरती (Aarti Shri Shanidev ki)

श्री शनिदेव जी को प्रसन्न करने के लिए शनिदेव की पूजा के बाद आरती करना अति आवश्यक है। भक्तों में श्री शनिदेवजी की कई प्रकार की आरती प्रचलित है, हम … Read More “श्री शनिदेव जी की आरती (Aarti Shri Shanidev ki)”

हनुमानजी की आरती (Hanumanji ki Aarti)

।। श्रीहनुमानलला की आरती ।। आरती कीजै हनुमानलला की, दुष्टदलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झाँके। अंजनिपुत्र महा बलदायी, संतन के प्रभु … Read More “हनुमानजी की आरती (Hanumanji ki Aarti)”

आरती श्री सत्यनारायण भगवान की (Aarti Shri Satyanarayan Bhagwan Ki)

।। आरती श्री सत्यनारायण भगवान की ।। ॐ जय लक्ष्मी रमना, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा सत्य नारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॐ जय लक्ष्मी रमना… रतन जड़ित सिंहासन अद्भुत छवि … Read More “आरती श्री सत्यनारायण भगवान की (Aarti Shri Satyanarayan Bhagwan Ki)”

दुर्गा माता की आरती। जय अम्बे गौरी

।। दुर्गा माता की आरती ।। जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशिदिन ध्यावत, मैया जी को निशिदिन सेवत हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी … Read More “दुर्गा माता की आरती। जय अम्बे गौरी”

आरती श्री जगदीश्वर जी की, ॐ जय जगदीश हरे

विश्व भर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन १८७० में लिखी गई थी। परमपूज्य पं. श्रद्धाराम शर्मा या श्रद्धाराम फिल्लौरी जी सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता … Read More “आरती श्री जगदीश्वर जी की, ॐ जय जगदीश हरे”

शिवजी की आरती (Shiv Aarti)

जय शिव ओंकारा प्रभु जय शिव ओंकारा ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव एकानन चतुरानन पंचानन राजे, भोले पंचानन राजे हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे … Read More “शिवजी की आरती (Shiv Aarti)”

गणेश आरती (Ganesh Aarti)

प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश जी की आरती : जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे … Read More “गणेश आरती (Ganesh Aarti)”

You cannot copy content of this page